5 टिप्स – ब्लॉग के लिए कंटेंट कैसे लिखें ?

कही जाने के लिए चलना पड़ता है ।

गाने के लिए सुर सीखना पड़ता है ।

या यूँ कहें की भोजन करने के लिए पहले मेहनत करके अन्न उगना पड़ता है ।

पर यहां आपको लिखना है और लिखने के लिए आपको सोचना होगा, विचार करना होगा , अपने ज्ञान को शब्दों में उतरना होगा और खूब लिखना होगा ।

में यह नहीं कह रहा की आप दिन में आठ घंटा लिखें या एक घंटा लिखें पर जब लिखें तो कुछ ऐसा लिखें की पढ़ने वाले को महसूस हो की यह कंटेंट सिर्फ उसके लिए लिखा हुआ है, उसको पढ़ने के बाद लगे की हाँ उसको उसके सवालों के जवाब मिल गए हैं ।

पर उसके लिए आपको करना क्या होगा?

आपको लिखना (Writing) होगा और लिखना होगा ।

अब सवाल आता है की क्या लिखें (What To Write)? कैसे लिखें (How To Write)? किसके लिए लिखें (Whom To Write)? पढ़ने वाला क्या सोचेगा? कहीं में गलत तो नहीं लिख रहा हूँ ?

समस्या यह है की आप सोचते ज्यादा हैं और वो चीज सोचते नहीं जो लिखनी है । यहां पर आपको अपना कैलिबर  (Caliber) समझने की बहुत जरुरत है क्यूंकि कुछ लोग एक हफ्ते में एक ब्लॉग (Blog) लिखते हैं और कुछ डेली (Daily) एक ब्लॉग लिखते हैं । आपको किसी और से नहीं खुद से लड़ना है और लिखना स्टार्ट करना है ।

अगर आप को समझा नहीं आ रहा हे की लिखना है पर क्या लिखना है? तो में आपको कुछ टिप्स (Tips To Write Content) देने जा रहा हूँ उनको फॉलो करें और लिखना स्टार्ट करें ।

 

1. आप कहना क्या कहते हैं?

 

बहुत बार आपको समझा नहीं आता है की क्या लिखना है और कई बार लिखते लिखते आप अटक (Stuck) जाते हैं । आपकी आँखें कंप्यूटर की स्क्रीन पर होती है और उंगलियां कीबोर्ड (Keyboard) पर आप को समझ नहीं आ रहा होता की क्या लिखूं ? तो उसके लिए एक आसान तारिका है की आप अपने कंप्यूटर को छोडकर थोड़ा टहल आएं या अगर कुकिंग का शॉक रखते हैं तो कुकिंग करें या एक कॉफी पीते हुए बहार बालकनी में बैठें और अपने आप से पूछें के “आखिर में क्या कहना चाहता हूँ?”

 

2. आपकी औडिएंस (Audience) कौन है?

 

जब आप किसी मंच पर खड़े होके बोलते हैं तो आपको पता है की आपको सुनने वाला कौन है? या फिर आप किसी से बात करते हैं तो आपको पता होता है की आप किस्से बात कर रहे हैं ? इसलिए आपको पता लगाना होगा की आपकी ऑडियंस कौन है ? कौन लोग हैं जो आपको या आपकी लिखी हुई बात को पढ़ेंगे। अगर आप ने इसका पता लगा लिया तो आपके लिए लिखना बहुत आसान हो जायेगा और आपके लेखन (Writing) में साफ़ दिखेगा की आपने अपनी ऑडियंस (Audience) को ध्यान में रखते हुए सब लिखा है जिसके परिणाम स्वरुप आपका कंटेंट सबको अच्छा लगेगा और आपके लिखे हुए कंटेंट (Content) को आपकी ऑडियंस शेयर भी करेगी।

 

3. अपनी ऑडियंस के साथ कांटेक्ट बनाये ।

 

आप लिखते हुए ध्यान रखें की आपका कंटेंट आपकी ऑडियंस के साथ कांटेक्ट (Contact) बना पा रहा हो। आप उनकी प्रॉब्लम या जिज्ञासा का उत्तर दे पा रहे हों अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो ऑडियंस आपसे कनेक्ट नहीं हो पायेगी और आपके कंटेंट को पसंद नहीं किया जायेगा ।

 

4. कहीं आपके कंटेंट से इमोशंस (Emotions) छूट तो नहीं रहे ?

 

एक राइटिंग में इमोशन (Emotions in Writing) होना बहुत जरुरी है आपको अपने ऑडियंस के इमोशंस को छूना होगा कनेक्ट करना होगा, आपको यह समझने की जरुरत है की कोई भी मूवी या कोई भी नाटक तभी हिट होता है जब उसमे इमोशंस होते हैं और वो पब्लिक को आखिर तक पकड़ के रहते हैं की अब क्या होगा – अब क्या होगा । अगर आप ऐसा नहीं करते और इमोशंस की कमी रह जाती है तो आप कितनी भी मेहनत करले आपकी मेहनत रंग नहीं लाएगी और आपका कंटेंट फीका रह जायेगा ।

 

5. आप अपने ऑडियंस को क्या फील (Feeel Your Audience) कराते हैं और कैसे कराते हैं?

 

मैंने पहले इमोशंस की बात करी और आपको समझाने की कोशिश करी की इमोशंस की कितनी वैल्यू है आपके कंटेंट में पर दूसरी तरफ फीलिंगस हैं और यहां मेरा फीलिंग्स से मतलब है की जब आपका कंटेंट कोई पढ़े तो वो आपके कंटेंट से जुड़ जाये और कंटेंट पढ़ने के बाद वो आपके लेखन को भूल न पाए उसके बारे में सोचने पर मजबूर हो और अपनी राय आपके साथ शेयर करे ।

आप यह सोच कर देखिये की आप ऑडियंस से हैं और आप क्या सुनना चाहते हैं ?

संक्षिप्त में अगर में कहूं तो एक बढ़िया कंटेंट (Good Content) आपको अपने टारगेट के पास लाने में मदद करेगा और दूसरी तरफ एक बुरा कंटेंट (Poor Content) आपको आपकी मंजिल से दूर करेगा । अब आपको फैसल करना है की आप अणि ऑडियंस को क्या फील करना कहते हो , कैसे उन्हें आपसे बांधे रखना चाहते हो ? अब फैसला आपको करना है की आप क्या करना चाहते हो?

डरिये नहीं गलतिया सब से होती है पर कामयाब वो होते हैं जो गलतियों से सबक सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं । आप अपने सुझाव कॉमनेट बॉक्स में लिखना न भूलें – धन्यवाद्

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